दिल्ली में है, पाकिस्तान समर्थकों का आईटी सेल! (पार्ट-1)

जिस दिन पत्रकारिता की शुरुआत की थी उसी दिन ये सोच लिया था कि जिन्दगी चार दिनों की है जिनमें दो जी चूका हूँ.
आज आपके लिए नहीं लिख रहा बल्कि अपने देश के लिए लिख रहा हूँ, हमारे देश के लिए लिख रहा हूँ.
कल्पना कीजिये कोई पाकिस्तानी पत्रकार भारत के विषय में रोज टीवी स्क्रीन पर जहर घोलता हो.
उसका एजेंडा भारत के खिलाफ प्रोपेगंडा फैलाना हो.
क्या आप उस व्यक्ति के सोशल मीडिया अकाउंट को प्रमोट कर सकेंगे.
क्या आप उसकी वीडियोज को शेयर कर सकेंगे.
आपका जवाब होगा ‘नहीं, बिल्कुल नहीं’

इन्हें तो पहचानते होंगे आप!

फिजा अकबर खान, पाकिस्तानी पत्रकार

ये मोहतरमा इन दिनों पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल बोल में कार्यरत हैं. इनका एक फेसबुक पेज है आठ लाख फालोवर के साथ, इनके ही नाम से.
यहाँ तक तो सब सामान्य लग रहा होगा आपको.
अब आपको राज की बात बताते हैं.

जरा सोचिये, अगर मैं आपको ये बताऊं5 की कुछ दिनों पहले तक फिजा अकबर खान भारत में रहती थी.

आपके लिए विश्वास करना मुश्किल होगा, मेरे लिए भी आसान नहीं था.
पर इस मामले की तहकीकात ने मुझे भी हैरान कर दिया था.

शुरू से शुरू करते हैं

फरवरी 2019 की 16 तारीख को मै आम दिनों की तरह ही सर्फिंग कर रहा था.
तभी फिजा का फेसबुक अकाउंट दिखा.
उसके फेसबुक को स्पोंसर किया गया था और ये फेसबुक अकाउंट का ऐड था.
एक पल को मै सोचने पर मजबूर हो गया कि आखिर एक पाकिस्तानी पत्रकार अपने फेसबुक को भारत में क्यों स्पॉसर करेगा.
मैंने फेसबुक अकाउंट चेक किया तो और हैरान हुआ.

दरअसल इस फेसबुक अकाउंट को बनाने के लिए जिस मोबाइल नम्बर का इस्तेमाल किया गया था वो नम्बर भारत का था.
भारत के वोडाफोन नेटवर्क का मोबाइल नम्बर और उस नम्बर से संचालित हो रहा था पाकिस्तानी पत्रकार का फेसबुक अकाउंट.

यानी कोई तो था जो पाकिस्तानी पत्रकार की मदद कर रहा था भारत में अल्पसंख्यक समुदाय के बीच असंतोष की भावना पैदा करने में.
ये स्थिति तब और भी भयावह प्रतीत होने लगी जब पता चला कि ये जो कोई भी था वो दिल्ली में ही बैठा था, देश के दिल में.


क्योंकि वो वोडाफोन का नम्बर दिल्ली एनसीआर जोन का था.

फिजा अकबर खान का फेसबुक अकाउंट

मैंने तब भी कोशिश की थी

उन दिनों मैं एक मीडिया हाउस में कार्यरत था. अगले दिन मैंने अपने सीनियर्स को इस बात से अवगत कराया.
वहाँ इस स्टोरी को सिरे से खारिज कर कर दिया गया.
मैंने तब भी हार नहीं मानी और एक मेल लिखी.
एक मेल जिसमें इस पूरी स्थिति का जिक्र किया और प्रधानमंत्री के साथ-साथ कुछ सरकारी मिशनरीज को भेज दिया.

17 फरवरी को मेरे द्वारा भेजी गयी मेल

ये मेल पढ़ने के बाद आपके सामने स्थिति स्पष्ट हो गयी होगी की माजरा क्या था.

मुझे उम्मीद थी की सरकारी एजेंसियां मुझसे जरुर सम्पर्क करेंगी.
पर इन्तजार लम्बा होता जा रहा था.
फिर मैंने दुसरे इदारे के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों को ये जानकारी उपलब्ध कराई.
तवज्जो किसी ने नहीं दी और कुछ दिनों के अंदर ही फिजा अकबर खान के फेसबुक पेज से वो मोबाइल नम्बर हटा दिया गया.
अब उस पेज पर एक पाकिस्तानी नम्बर दिख रहा था.
इस हरकत के बाद मेरा शक यकीन में बदल चूका था कि भारत में कुछ ऐसे लोग जरुर हैं जो पाकिस्तान के लिए सोशल मीडिया पर काम कर रहे हैं.
लेकिन अब वो नम्बर फेसबुक पर नहीं था और ना ही किसी सरकारी जांच एजेंसी की मदद थी मेरे पास.
मै तो मन मसोस कर रह गया था.. हार मान चुका था, लेकिन शायद कोई शक्ति थी जो ये सच सबके सामने लाना चाहती थी.

सच छिप नहीं सकता

मैंने तब वो नम्बर सेव कर लिया था अपने फोन में.
आज मैंने सोचा क्यों ना कुछ तहकीकात की जाए.
और मैंने सामान्य तौर पर वो नम्बर गूगल के सर्च इंजन पर डाला और मुझे ये मिला-

उस नम्बर को गूगल पर सर्च करने के बाद मिले परिणाम

जी हाँ! भारत के उस नम्बर को गूगल करने के बाद परिणाम के तौर पर मुझे फिजा अकबर खान का वही फेसबुक प्रोफाइल मिला जिसके जरिये लगातार भारत विरोधी कंटेंट शेयर किया जाता है.
वैसे तो ये सबूत काफी था आप सब को ये बताने के लिए कि आखिर पाकिस्तान के समर्थक कैसे हमारे बीच ही रह रहे हैं और भारत विरोधी एजेंडा का प्रचार प्रसार सोशल मीडिया के माध्यम से कर रहे हैं.
लेकिन, मैंने अपनी तहकीकात जारी रखी, ये तहकीकात अब भी जारी है.
अब तक मैं इस विषय के कुछ किरदारों से वाकिफ हो चुका हूँ, कुछ किरदार जो भारत में रहते हैं और भारत के खिलाफ जहर उगलते हैं.
कुछ किरदार जो खुलकर सामने नहीं आते पर सोशल मीडिया के जरिये देश को दो हिस्सों में बाटने की पुरजोर कोशिश करते हैं.
कुछ किरदार जो इस देश में रहने के भी लायक नहीं हैं.

मिशन जारी है..

ये इस श्रृंखला की पहली कड़ी है, जिसमें इस बात के पर्याप्त सबूत आपको मिल चुके होंगे कि आखिर कैसे भारत की धरती से कुछ लोग सोशल मीडिया के महज पर पाकिस्तान के लिए बैटिंग कर रहे हैं.
इस श्रृंखला की अगली कड़ी में आपको बताऊंगा की कौन है वो चेहरा जिसने ऐसा घिनौना काम किया है.

तब तक के लिए एक निवेदन है, मेरे इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जरुर पहुंचाए ताकि जब अगली कड़ी आये तब तक देश इस विषय को जान चूका हो.

देश हित में ऐसे लोगों को बेनकाब करना बेहद आवश्यक है, उम्मीद है आप मेरा साथ देंगे.
है ना?

7 thoughts on “दिल्ली में है, पाकिस्तान समर्थकों का आईटी सेल! (पार्ट-1)

  1. Good work.. Govt of india is pr yakeen kare ya na kare pr hum jarur karege.. Or ap ase hi kaam karo or jaldi s jaldi inka pardafas kro taki inpe shakht action liya ja sake… Or y fiza khan ek number ki mc hai

  2. तहक़ीक़ात जारी रखिये, बेहद शानदार,
    परिणाम जरूर मिलेंगे

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